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DHRUV -TARA ध्रुव-तारा

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          हमारे इस संसार मे भक्त  तो बहुत हुए पर भक्त प्रह्लाद और भक्त ध्रुव का नाम सभी भक्तो मे बहुत ही आदर से लिया जाता है  ।जिन्होंने भक्ति की सारी हदे  पार करके भक्ति की दुनिया  मे अपना विशेष स्थान बनाया हैं  ।   हम भक्त ध्रुव के जीवन से जुड़ी कुछ विशेष बाते कहानी के रूप मे प्रस्तुत कर रहे हैं  ।                                                मनु और शतरूपा के पुत्र  राजा उतानपाद  की दो पत्नियां   थी। एक रानी    सुनिति तो दूसरी  का नाम सुरुचि  था।  छोटी रानी सुरुचि बहुत सुन्दर  पर स्वभाव  की बहुत कुुुुटिल ,कपटी,ईष्यालु , और मधुर भाषी  थी। मन ही मन वह बडी रानी सुनिति  सेे बहुत ही ईष्याभाव  रखती थी ।   सुन्दरता के साथ   साथ वह किसी को अपने ओर आकृष्ट करने की कला मे माहिर थी। दोनों  रानियों  को एक एक प...

Ek LINGESWAR MAHADEV एक लिंगेश्वर महादेव A RILIGIOUS STORY

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पुरी दुनिया मे ऐसे दो ही शिव मंदिर है  जो साल भर मे एक ही  दिन यानी केवल शिवरात्रि के दिन ही खुलते हैं  ।एक उज्जैन नगरी मे बसा भगवान शिव का चद्ररेश्वर मंदिर और एक  राजस्थान के जयपुर जिले का एक लिंगेश्वर महादेव मंदिर ।शहर के बीचों  बीच बना यह शिव मंदिर अपने आपमे कई  रहस्यो  को संजोए हुए है।  मोती डोंगरी   नामक स्थान पर बना यह शिव मंदिर महाराणा प्रताप के पुर्वजो  द्वारा बनवाया  गया है।                                                         पुरातन काल का बना यह  शिव मंदिर  राणा खानदान केे लिए   बहुत ही  शुभ साबित  हुुुआ  । लोगो का कहना है कि   आज तक एक लिंंग जी  महाराज कि कृपा से राणा खानदान के किसी भी राजा ने  हार का  मुहं  नही देखा  ।एक बार की बात हैै राणा जी के खानदान का कोई   राजा  भगवान शिव के इस मं...

KALIYUG KA ANAT कलियुग का अन्त

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कर्म प्रधान विश्व करि राखा  ।  जो  जस करहि  सो तस फल चाखा ।।  गोस्वामी  तुलसी दास  जी द्वारा लिखित  यह पत्तियाँ  आज साकार हो  रही  हैं  ।अपनी  मेहनत और  लगन से  मनुष्य   आज क्या कुछ नहीं कर पा रहा है। चाँद तारे के सैर  से  लेकर ग्रहो पर आना जाना तक  सम्भव कर डाला  है। भक्ति के प्रति लोगों का झुुुुकाव और अपार श्रदधा इस बात संंकेत हैं  कि सतयुुग काआगमन  नजदिक आ रहा है ।   इसी के संदर्भ  मे जुडी यह  धार्मिक  कहानी आप के समक्ष प्रस्तुत  कर रहे है  ।                                    यह कहानी  उस समय की है जब भगवान  श्री कृष्ण एक समय सोच रहे है कि पृथ्वी पर गये बहुुत दिन  गुजर गये  है  चलो एक बार  पृथ्वी  का  नया  दौर  कैैैैसा चल रहा है,  देख कर आते है  । यह सोच कर उन्होने एक सधारण मनुष्य  क...

RUDRAKSHA KA MAHATVA -2 रूद्राक्ष का महत्व A RELIGIOUS STORY

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भगवान भोलेनाथ से जुड़ी यह प्रचलित कथा बहुत ही लोकप्रिय है । शास्त्रों और पुराणों का कथन है कि यह कथा मोक्ष दायनि है । इस कथा को कहने और सुनने मात्र से बहुत बड़ा से बड़ा संकट सहज ही दूर हो जाता है । साथ ही में पंच मुखी रुद्राक्ष पहनें से भी मनुष्य के जीवन में कभी कष्ट नहीं आता ।और भगवान भोलेनाथ की कृपा उस मनुष्य पर सदा बनी रहती है । हम इस परम पावन कथा को आपके समक्ष प्रस्तुत कर रहे हैं ।                                                                               पुरातन काल में एक बहुत ही प्रतापी राजा थे । वह बहुत ही बड़े शिवभक्त थे । उनको एक पुत्र था जो उन्हीं के समान बलवान और बुद्धिमान था ।उस    राज्य के मंत्री को भी उसी के उम्र का एक पुत्र था दोनों मे बहुत ही प्रगाढ  दोस्ती थी । दोनों एक साथ विद्या   अध्ययन के लिए  जाते , एक साथ युद्ध अभ्यास करते करते किसोरा ...

RUDRAKSHA KA MAHATVA रुद्राक्ष का महत्व A RELIGIOUS STORY

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 भगवान भोलेनाथ के जीवन से जुड़ी एक ऐसी कहानी जो पुराणों में बहुत चर्चित है । हम रूद्राक्ष और उसके   महत्व के बारे में  एक सुंदर कथा का वर्णन करने जा रहे हैं ।   मनुष्य हो या देवता  सुख और दुख हर किसी के जीवन में आता जाता है । ऐसा नहीं है कि  हम मनुष्य है तो तकलीफ और खुशी केवल हमारे   लिए ही है । यह विधि का विधान है ।कि यह दोनों सबके जीवन में है । कभी कभी देवता भी इसके चुगंल में फस जाते हैं ।                                                  राजा दक्ष की पुत्री माता गिरजा के साथ  जब भगवान भोलेनाथ का विवाह हुआ तो कुछ दिन के बाद एक घटना घटी । राजा दक्ष ने एक यज्ञ का आयोजन किया  ।  कुछ मन मुटाव के कारण  राजा दक्ष ने अपने जमाई भगवान भोलेनाथ को आमंत्रित नहीं किया । यह बात जब माता गिरजा को मालूम पड़ी तो उन्हें बड़ा कष्ट हुआ । पिता ही तो है वे यदि रूठे है तो उन्हें मना लेंगे ।यह सोच कर माता गिरजा ने भगवा...

A JOURNEY OF PANCHVATI DHAM KI यात्रा पंचवटी धाम की journey guide

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  दुनिया के मालिक जो दुनिया को शरण लेते हैं ।उनको शरण देने वाली स्धली पंचवटी अपने आप में एक अद्भुत सौंदर्य से सजी संवरी है । रामायण काल की एक ऐसी पवित्र जगह जिसके दर्शन मात्र से मनुष्य अपने आप को धन्य समझने लगता है । प्रकृति का यह अद्भुत नजारा  महाराष्ट्र प्रदेश के नासिक जिले में आज भी ज्यो का त्यो स्थित है । हम इसी प्रसंग को आप के समक्ष रखने जा रहे हैं ।                                               भगवान राम अपने छोटे भाई लक्ष्मण   और अपनी भार्या सीता के साथ जब पंचवटी   पहुचते है तो  वहां का   मोहक  वातावरण  और प्राकृतिक सौंदर्य को देेख कर    उस जगह की तारीफ करने लगते हैं । और  वहां पर एक पर्णकुटी बनाकर  रहने लगते हैं । पास में गोदावरी नदी की अविरल धारा कल कल करती बह रही है ।  आज भी वह जगह  राम कुण्ड ,सीता कुण्ड,और लक्ष्मण कुण्ड  के  नाम से प्रसिद्ध है ।  भगवान राम के ...

THOUGHTS OF HEALTH स्वास्थ्य विचार -2

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  स्वास्थ से बड़ा कोई धन नहीं है । यदि हम स्वस्थ हैं तो  हमसे बड़ा कोई सुखी नही है । कुछ ऐसी चीजें हैं या नियम है । जिन्हें हम थोडी सी सतर्कता पूर्वक पालन करें ,तो हम पुरी तरह से स्वस्थ रह सकते हैं । एक बात तो अवश्य कहनी पड़ेगी  कि इस  लाक डाउन ने नुकसान तो बहुत किया । लेकिन इसके चलते लोगों को  एक शिक्षा भी मिल गयी ।जीवन जीने का वास्तविक  स्वरूप की झलक  देखने को मिल गई ।  बन्द के दौरान लोगों को  कुछ उपलब्ध नहीं हो पाता था तो जो चीज अपने पास है उसी में एडजस्ट करने की आदत पड़ गयी ।समय से नहाना समय से खाना खाना ।समय से सोना कहने का मतलब यह है सब कुछ का सही नियम है ।उसका पालन होने लगा ।छोटी से छोटी बिमारी भी केवल रहन सहन  सही होने के कारण बीना   दवा के ठीक   हो गयी  ‌।  इसी का एक छोटा सा अनुभव इस सुविचार में  दर्शाया गया है ।                                                    ...