SWARUP MAHATMAYA. स्वरुप महात्म्य एक सुविचार
जगत जननी, मां जगदम्बा, आदि भवानी, आदि माता, आदिशक्ति,कई रुपों में पूजी जाती है । मां के हर परिस्थिति में एक नया रुप देखने को मिलता है । मां का हर रुप मन को मुग्ध करने वाला होता है हम आज मां के मुख्य नौ स्वरुपों की महिमा के बारे में बात करेंगे । मां का पहला स्वरुप मां शैलपुत्री हैं ,जो भगवान शिव जी को हमेशा के लिए अति प्रिय रही हैैं । इस स्वरुप में मां हिमालय की पुत्री के रूप मे जन्म लेेेकर भगवान शिव की अर्धांगिनी बनी थी । जिनकी प्रिय सवारी बैल था । मां का दूसरा स्वरुप ब्रह्मचारिणी का है । कहा जाता है कि नारद जी के कहने से मां ने भगवान शिव को पाने के लिए घोर तपस्या की थी ।उनकी तपस्या इतनी कठोर थी की सारा ब्रह्मांड डोलने लगा । तब ब्रह्मा जी ने प्रगट होकर मां...
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